स्मार्टफोन और च्युइंग गम के बीच है व्यूतक्रमानुपाती संबंध, जानिए क्या है यह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव - Welcome to Get Cracker

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Saturday, 8 July 2017

स्मार्टफोन और च्युइंग गम के बीच है व्यूतक्रमानुपाती संबंध, जानिए क्या है यह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

स्मार्टफोन और च्युइंग गम के बीच है व्यूतक्रमानुपाती संबंध, जानिए क्या है यह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव 
स्मार्टफोन ने न सिर्फ लोगों के संवाद करने का तरीका बदल दिया है, बल्कि उनकी पूरी लाइफ स्टाइल ही बदल गई है। पहले जहां लोग तस्वीरें खिंचवाने के लिए फोटोग्राफर्स की तलाश करते थे, वहीं आज स्मार्टफोन ने सभी को फोटोग्राफर बना दिया है। स्मार्टफोन के कारण कैमरे की बिक्री में कमी आई है।
वहीं, एक और बदलाव भी हमारी जिंदगी में आया है, लेकिन इसके बारे में ज्यादा लोगों ने शायद ध्यान ही नहीं दिया है। वह है, च्युइंग गम की बिक्री में कमी आना। मार्केट रिसर्च फर्म यूरोमोनीटर इंटरनेशनल के मुताबिक साल 2007 के बाद से दुनियाभर में च्युइंग गम की बिक्री में 15 फीसद की कमी आई है। यह वही समय है, जब आईफोन बाजार में आया था। यानी इन दोनों के बीच व्युतक्रमानुपाती संबंध है यानी स्मार्टफोन की बिक्री जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है, च्युइंगम की सेल घटती जा रही है।
किसी समय में टाइम पास करने के लिए लोग च्युइंग गम को खाते थे। मगर, स्मार्टफोन के आने के बाद लोगों के पास जरा भी टाइम स्पेयर नहीं बचा है। स्मार्टफोन की वजह से लोग अब बोर नहीं होते हैं और किसी चीज का इंतजार भी नहीं करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सुपरमार्केट की चेकआउट लाइनस पर च्युइंग गम की सेल प्रमुखता से होती थी।


भुगतान के लिए अपनी बारी का इंतजार करने वाले लोग च्युइंग गम खरीदते थे। अब जब भी लोगों को इंतजार करना होता है, तो लोग खुद को व्यस्त रखने या टाइम पास के लिए किसी चीज की तलाश नहीं करते हैं। उनकी बोरियत को दूर करने के लिए स्मार्टफोन हमेशा ही उनके पास मौजूद रहता है। कम ही लोग बोरियत दूर करने के लिए च्युइंग गम की तलाश करते हैं।
ऐसे में स्मार्टफोन ने गम इंडस्ट्री के सामने नई चुनौती पैदा कर दी है। इसके चलते कंपनियां शुगर-फ्री गम, दांतों को साफ रखने वाले गम और मिंट गम जैसे विकल्प पेश करके अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रही हैं।

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