किसी ऐप में लॉग इन के लिए हम अक्सर फेसबुक का सहारा ले लेते हैं। यह हमारे लिए आसान होता है क्योंकि केवल एक कंफर्म बटन दबाकर हम उस ऐप में साइन इन कर लेते हैं। लेकिन ऐसा करते वक्त हम यह भूल जाते हैं कि अनजाने में उस ऐप को हमारी सारी जानकारी मिल जाती है। कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा की गई डाटा चोरी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस ब्रिटिश कंपनी ने अमेरिकी चुनाव और ब्रेक्जिट (यूरोपीयन यूनियन से बाहर होने के लिए ब्रिटेन में कराए गए जनमत संग्रह) में दखल देने के लिए क्विज ऐप के जरिये फेसबुक यूजर का डाटा चोरी किया था।
अब कोई भी थर्ड पार्टी ऐप ऐसा ना कर पाए इसके लिए फेसबुक ने कवायद शुरू कर दी है। फेसबुक ने मंगलवार को एक पोस्ट के जरिये कहा, "बुधवार से बनाए गए ऐप को फेसबुक पर लॉग इन किए यूजर की तरह पोस्ट डालने की अनुमति नहीं होगी। जिन ऐप को पहले ही इसकी अनुमति मिल चुकी है वह केवल एक अगस्त तक इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। आगे डेवलप किए जाने वाले ऐप को अपने पोस्ट डालने की अनुमति के लिए ऐप रिव्यू से गुजरना पड़ेगा।"
फेसबुक के इस कदम के बाद कोई भी यूजर के डाटा का इस्तेमाल उनकी मंजूरी के बगैर नहीं कर पाएगा। यह सुविधा इंस्टाग्राम के यूजर के लिए भी लागू की गई है। फेसबुक ने कहा, "इस बदलाव के कारण किसी कमेंट में दिया गया यूजर का नाम और ब्योरा हट जाएगा।" विशेषज्ञों का हालांकि कहना है कि अब भी सात थर्ड पार्टी वेबसाइट फेसबुक यूजर के डाटा को एक्सिस करने के अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।

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